गहरे पानी पैठ

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सरहदों के पार यह आवाज़ उठनी चाहिए ..............

Posted On: 20 May, 2016 कविता,Junction Forum,Hindi Sahitya में

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हर हादसा हैरान करता
दर्द जब देने लगे,
सोचता हर पांव तब
कांटा निकलना चाहिए l
************************
साज़िशों पर साजिशें
होतीं रहें हर रोज जब,
तब अमन कैसे बचे
यह बात चलनी चाहिए l
*******************
तुम वतन जन्नत बताते
हम जहां जन्नत बनाते,
खुशबुएं जन्नत
हरेक दिल में उतरनीं चाहिए l
*******************
सोचता हूँ काश तुम
कुछ पल ठहर यह सोचते,
यह धुआं, ये जलन उफ !
यह आग बुझनी चाहिए l
*********************
अगर है दिल साफ़ तो
हर मुल्क सबका मुल्क है,
सरहदों के पार यह
आवाज़ उठनी चाहिए l
**********************

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

achyutamkeshvam के द्वारा
July 13, 2016

शालीनता से बहुत बड़ी बात कहना ..एक कला है और आप इसके मर्मज्ञ है सर बधाई

Shobha के द्वारा
September 5, 2016

श्री भोला नाथ जी आपकी यह कविता न जाने कैसे मैं पढने से वंचित रह गयी तुम वतन जन्नत बताते हम जहां जन्नत बनाते, खुशबुएं जन्नत हरेक दिल में उतरनीं चाहिए अति सुंदर

Chubby के द्वारा
October 17, 2016

Superbly ilniainmtulg data here, thanks!


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