गहरे पानी पैठ

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सुखद अहसास....

Posted On: 11 Nov, 2016 कविता,Junction Forum,Hindi Sahitya में

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बहुत सुखद लगा
सुनकर
कि…….
कर चोरों की-
खाल उतार ली जाएगी,
भ्रस्टाचार को
मिटाकर दम लूंगा,
देश को-
इस बीमारी से
मुक्त कराना है,
iकाले धन पर-
और सख्ती होगी ………
जड़ें सूख रहीं हैं-
भृष्टाचारियों कीं……..
नोटों की माला-
गले मैं अटकी हैं,
बदहवास हैं सब,
कोई समय मांग रहा है,
कोई कोस रहा है,
कोई सोच रहा है i
सुना है मैंने-
इन डी ए को कहते
तुम ……..
केवल वोट दो
बायदा रहा
मुक्ति दिलाऊँगा
भ्रस्टाचार से,
अवैध कब्जों से,
भय से,
अपहरण से,
लूट से,
बलात्कारों से i
प्रतीक्षा करो !
सुख शांति की दुनियां
तुम्हारी होगी
तुम -
निर्भय होकर -
सिर्फ -
मतदान करो i

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
November 16, 2016

श्री भोला नाथ जी बले लोगों और बुद्धिजीवियों ने मोदी जी के कदम की सराहना की है सुंदर कविता

Bhola nath Pal के द्वारा
November 23, 2016

aadarniy doc shobha ji ! modi ji ke samnen sabki bolti band hogayee . unke hathon men bharat ka bhavishy surakshit hai ……………


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