गहरे पानी पैठ

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देखें, कैसा है तुम्हारा संसार !

Posted On: 5 Apr, 2017 Hindi Sahitya में

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सर !
जब आपनें कहा ,
न खाऊँ गा
न खानें दूंगा
मैनें सोचा
लो सुनो फार्मूला
आ गयी
सुख की दुनियां !
जब यू पी विजय की
आपनें कहा ,
न बैठूँ गा
न बैठनें दूंगा
मैनें सोचा ….
आखिर चाहते क्या हो?
कुछ तो आराम करनें देते !
फिर सोचा
अच्छा है ,मोटापा घटे गा
किसी तरह मन को समझाया था कि
परिवर्तन परवान चढ़ा
आते ही -
योगी जी बोले ,
न सोऊँ गा
न सोनें दूंगा .
हँसते हँसते
पेट फूल गया….
बड़े मियां बड़े मियां
छोटे मियां सुभान अल्लाह
सच कहा था
सोनें नहीं दूंगा
सो -.
नींद डिस्टर्ब करनें लगे
सोचता हूँ
जब सोनें ही नहीं दोगे
तो छोड़ें घर द्वार
रहें तुम्हारे साथ
देखें ,
कैसा है
तुम्हारा संसार !

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

amarsin के द्वारा
April 7, 2017

वहां भी बहुत राजनीति है, गद्दी की. शंकराचार्यो को लड़ते देखा hai, देखा है लड़ते बाबाओ ko, क्रोध, लोभ, जिनके आभूषण hai, फिर भी संत कहलाते चारो दिशाओ me

Bhola nath Pal के द्वारा
April 7, 2017

सब कुछ कह दिया आपनें .आभार


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